थियेटर लवर्स के लिए ख़ास: कहानीवाला की नई प्रस्तुति में सुप्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम और चित्रकार इमरोज़ के अनूठे और बेहद गहरे प्रेम की दास्ताँ एक बार फिर रंगमंच पर बिखरने के लिए तैयार है
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हैदराबाद-भारतीय साहित्य की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में शुमार अमृता प्रीतम और इमरोज़ के जीवन पर आधारित नाटक 'ज़िंदगीनामा, अमृता और इमरोज़ का’ का मंचन 20 जून 2026 को शाम 8 बजे लामकान में किया जाएगा। यह प्रस्तुति पिछले वर्ष 27 अप्रैल 2025 को मंचित नाटक ‘परछाई, अमृता और इमरोज़ की’ की अगली कड़ी है।
निर्देशक एवं लेखक सुहास तथागत भटनागर बताते हैं-
यह नाटक केवल दो व्यक्तियों की कहानी नहीं, बल्कि प्रेम, प्रतीक्षा, स्मृतियों और समय के साथ बदलते रिश्तों की यात्रा है। कहानी अब ख़तों और यादों की सीमाओं से आगे बढ़कर जीवन के उस पड़ाव में प्रवेश करती है जहाँ ठहराव दिखाई देता है, लेकिन भीतर भावनाओं की हल्की दस्तक लगातार सुनाई देती रहती है।
नाटक में दर्शक देखेंगे कि अमृता और इमरोज़ अपनी जिंदगी के एक नए दौर में पहुँच चुके हैं। दोनों को किसी न किसी का इंतज़ार रहता है। इसी दौरान एक युवा पत्रकार अमृता का साक्षात्कार करती है, जिसमें अमृता अपने जीवन, लेखन, प्रेम और अनुभवों के कई अनछुए पहलुओं को साझा करती हैं। यह संवाद नाटक का महत्वपूर्ण आकर्षण होगा।
कहानी में शोधार्थी से लेखिका बनीं डॉक्टर सुदीप्ता की भूमिका भी अहम है। अमृता पर शोध कर चुकीं सुदीप्ता अब उन पर पुस्तक लिख रही हैं। अमृता और इमरोज़ के साथ उनके आत्मीय संबंध तथा उनके जीवन से जुड़ी नई जानकारियाँ नाटक को और अधिक जीवंत बनाती हैं।
नाटक यह भी दर्शाता है कि समय के साथ अमृता का कुछ हिस्सा इमरोज़ के रंग में रंग गया है, जबकि इमरोज़ सहजता से अमृता के शब्दों में ढलते चले गए हैं। यही भावनात्मक मेल इस प्रस्तुति की आत्मा बनकर उभरता है।
मंच पर अभिनय का जादू बिखेरेंगे ये कलाकार (Star Cast)
लेखन और निर्देशन की कमान खुद सुहास तथागत भटनागर ने संभाली है, जो मंच पर इमरोज़ के किरदार को जीवंत भी करेंगे। नाटक के मुख्य कलाकार इस प्रकार हैं:
अमृता: नेहा सुराना भंडारी
इमरोज़: सुहास तथागत भटनागर
जर्नलिस्ट शिल्पी: शिल्पी भटनागर
डॉक्टर सुदीप्ता: सुदेष्ना सामंता
एंकर:आर्या झा
लेखन और निर्देशन: सुहास तथागत भटनागर
प्रवेश टिकिट कार्यक्रम स्थल पर ही मिलेंगे।






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