राजस्थान-एमपी में दहशत फैलाने वाले शातिर लुटेरे गिरफ्तार; महिलाओं के जेवर उड़ाने वाली 'कालबेलिया गैंग' का पर्दाफाश

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 30+ वारदातों का खुलासा: राजस्थान (चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़) और मध्य प्रदेश (रतनगढ़, सिगोली) के मंदिरों और सूने मकानों में करते थे चोरी

मैली वेशभूषा में पहुंचे पुलिसवाले और धर दबोचा 30 वारदातों को अंजाम देने वाला 'कालबेलिया गैंग'!

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जयपुर 20 अगस्त। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संगठित अपराधों पर की जा रही कार्रवाइयों की श्रृंखला में चित्तौड़गढ़ जिला स्पेशल टीम और पुलिस थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ की संयुक्त टीम ने महिलाओं के चांदी के कड़े व अन्य जेवर लूटने तथा मंदिरों से सोने-चांदी के छत्र, प्रतिमाएं और दानपात्र चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में 30 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी चोरी, लूट और मंदिरों में चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं।

जयपुर 20 अगस्त। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संगठित अपराधों पर की जा रही कार्रवाइयों की श्रृंखला में चित्तौड़गढ़ जिला स्पेशल टीम और पुलिस थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ की संयुक्त टीम ने महिलाओं के चांदी के कड़े व अन्य जेवर लूटने तथा मंदिरों से सोने-चांदी के छत्र, प्रतिमाएं और दानपात्र चोरी करने वाली अंतरराज्यीय गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान और मध्यप्रदेश में 30 से अधिक वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी चोरी, लूट और मंदिरों में चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं।

   पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर महिलाओं के पहने जेवरों की लूट और रात के समय मंदिरों में होने वाली चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र जोधा एवं वृताधिकारी चित्तौड़गढ़ बृजेश सिंह के सुपरविजन में थाना कोतवाली के थानाधिकारी रजनीश कुमार औऱ जिला स्पेशल टीम चोरी निरोधक टीम से इंस्पेक्टर जोधाराम और डीएसटी प्रभारी रामावतार के नेतृत्व में थाना पुलिस और डीएसटी की विशेष टीम गठित की गई थी।

वृद्ध दंपती से लूट के बाद सक्रिय हुई पुलिस टीम

मामले की शुरुआत 13 अगस्त 2026 की रात आछोड़ा गांव में हुई वारदात से हुई। नानूलाल रैगर की रिपोर्ट के अनुसार कुछ बदमाश घर में घुस गए और उसके वृद्ध माता-पिता को धमकाकर उनके जेवर लूट ले गए। बदमाशों ने 75 वर्षीय मां के पैरों से चांदी के कड़े निकालने के लिए उसके साथ मारपीट की तथा पिता का मोबाइल और हाथ की घड़ी भी ले गए।

    घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गांव से हाईवे तक के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसी तरह की पूर्व वारदातों में चालानशुदा अपराधियों का रिकॉर्ड जुटाकर संदिग्धों पर निगरानी रखी गई। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र के आधार पर पुलिस को पता चला कि संदिग्ध बदमाश अपने स्थायी ठिकानों पर नहीं रहकर लगातार स्थान बदल रहे थे।

राजस्थान से मध्यप्रदेश तक फैला था नेटवर्क

डीएसटी टीम ने संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। लगातार निगरानी और तकनीकी व मानवीय सूचना के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों कालू पुत्र सुखा कालबेलिया निवासी कालीछांट थाना गंगरार, तेजपाल उर्फ तेजु पुत्र मिठ्ठुलाल कालबेलिया निवासी पारसोली तथा सुरेश पुत्र प्रभुलाल कालबेलिया निवासी गोराजी का निम्बाहेड़ा थाना कपासन हाल केकड़ी को दबोच लिया।

30 वारदातों का खुलासा

पुलिस की पूछताछ में  आरोपियों ने अब तक 30 वारदातों में संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के जेवर लूटने, घरों में चोरी करने और मंदिरों से दानपात्र, चांदी के छत्र एवं अन्य आभूषण चोरी करने की घटनाएं शामिल हैं। मध्यप्रदेश के रतनगढ़, सिगोली और अन्य क्षेत्रों में भी चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। 

मंदिर भी थे निशाने पर

गिरोह द्वारा रात के समय मंदिरों को भी निशाना बनाया जाता था। आरोपियों ने विभिन्न स्थानों पर मंदिरों से चांदी के छत्र, दानपात्र की नकदी, मूर्तियों से जुड़े आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी किए। प्रतापगढ़ क्षेत्र के एक देवनारायण मंदिर से करीब 1.50 लाख रुपये नकद और चांदी का छत्र चोरी करने की वारदात का भी खुलासा हुआ है। इसके अलावा भीलवाड़ा क्षेत्र के मंदिरों और माण्डलगढ़ के जैन मंदिर से चांदी के छत्र चोरी करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

गिरफ्तार आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। कालू के खिलाफ मंदिरों में चोरी तथा महिलाओं के जेवर लूटने एवं चोरी के एक दर्जन से अधिक प्रकरण दर्ज बताए गए हैं। वहीं सुरेश के खिलाफ मंदिरों में चोरी, महिलाओं के जेवर लूटने और चोरी से संबंधित छह प्रकरण दर्ज हैं। अन्य आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

   पुलिस ने आरोपियों से चोरी का माल बरामद किया है तथा उनसे पूछताछ जारी है। पूछताछ पूरी होने के बाद गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों और इसके नेटवर्क के संबंध में और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। प्रकरण में अग्रिम अनुसंधान जारी है।

             

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