7 दिन बाद खुला कांग्रेस नगरअध्यक्ष विनोद चौपड़ा की हत्या का राज

देखा गया

पैसों के लालच में नशेड़ियों ने दिया वारदात को अंजाम


विशेष संवाददाता:ओम प्रकाश शर्मा  ✍🏻


मांगरोल-10 मई। बारां जिले के मंगरोल कस्बे में विगत सप्ताह भर पूर्व हुई और सबके लिए पहेली बनी कोंग्रेस नगर अध्यक्ष विनोद चौपड़ा हत्याकांड का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया है। हत्या के दोनो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ रवि कुमार ने बताया कि विनोद चौपड़ा की विगत 2 से 3 मई की रात्रि को चोरी लूट की नियत से तोलाराम राव पुत्र दुर्गा शंकर आयु 40 वर्ष निवासी मांगरोल व सुरेन्द्र मीणा पुत्र पुुरनमल आयु 28 वर्ष निवासी बमुलिया थाना बारां ने छत के रास्ते से प्रवेश कर सोये हुए विनोद चौपड़ा के सिर पर भाले व सब्बल से वार कर हत्या के बाद साथ में मोटरसाइकिल, मोबाइल लेकर फरार हो गए, हत्या की जानकारी रविवार की सुबह चाय, नास्ते की पूछने आये मृतक के छोटे भाई सुनील चौपड़ा ने पुलिस को दी, मौके पर पहुँची पुलिस की पूरी टीम को चौपड़ा का शव लहूलुहान हालत में पाया ओर घर के दरवाजे, आलमारियां खुली हालत में मिली, मौके से मृतक की मोटरसाइकिल व मोबाइल गायब था, मौके से एसएफएल, एमओबी समेत साइबर सेल यूनिट साक्ष्य संकलित किये और उसके बाद पुलिस ने 3 टीमे गठित कर मामले में अनुसंधान शुरू किया तो पूछताछ व जुयाये गये सीसीटीवी फुटेज में दो लोग लोकडाउन के चलते कस्बे में संदिग्ध रूप से घूमते नजर आये, जिन्हें थाने लाकर पूछताछ की तो दोनो ने पैसों के लालच में घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। दोनो आरोपियों से अभी भी पूछताछ जारी है जिनसे हत्या मे प्रयुक्त हथियार, मोटरसाइकिल व नगदी बरामदगी के प्रयास किये जा रहे है।


डॉ रवि ने बताया कि घटनास्थल से एसएफएल, एमओबी द्वारा लिए गये भौतिक साक्ष्य व फिंगर प्रिंट का मिलान करवाया जायेगा। इस हत्यकांड के खुलासे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय स्वर्णकार, अंता पुलिस पुलिस उपाधीक्षक जिनेन्द्र कुमार जैन, मांगरोल वृत निरीक्षक उमेश मेनारिया, थानाधिकारी रामस्वरूप मीणा, हेड कानिस्टेबल परसराम, किशन, अरुण सहित कई पुलिस अधिकारियों का पूरा सहयोग रहा।

यहाँ हत्याकांड का खुलासा होने के साथ ही सोशल मीडिया पर पुलिस को बधाई देने का दौर शुरू हो गया है मगर पुलिस कस्बे के समीपवर्ती सीसवाली में  हुई ब्रजेश सोनी हत्याकांड में अभी तक कोई खुलासा नही कर पाई है जिससे सीसवाली हत्याकांड भी पुलिस के लिए गले की हड्डी बना हुआ है।

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