यूज़ बाइ डेट को एक्सपायरी डेट माना जाना चाहिए - ई. मोनिका रावत

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सन्दर्भ:- प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के लेबलिंग मानकों का वर्तमान परिदृश्य पर वेबिनार आयोजित



मीडिया केसरी वेब डेस्क ✍🏻


आगरा- 27 जून। राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग टेक्निकल कैंपस , बिचपुरी, आगरा फ़ूड टेक्नोलॉजी विभाग के तत्वावधान में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के लेबलिंग मानकों का वर्तमान परिदृश्य विषय पर वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की  मुख्य वक्ता जायडस वैलनेस प्रोडक्ट्स लिमिटेड की ई. मोनिका रावत थी ।



वेबिनार के आरम्भ में फ़ूड टेक्नोलॉजी विभागध्यक्ष व संस्थान के डीन प्रो. अपूर्व बिहारी लाल अग्रवाल ने मुख्य वक्ता का स्वागत व परिचय करवाते  हुए बताया कि आज के युग में खाद्य पदार्थों के लेबल एक साइलेंट सेल्समेन की भूमिका निभातें हैं। लेबल पर अंकित जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि यह लेबल ही उपभोक्ता से सीधा संवाद स्वयं स्थापित करता है।  ऐसी स्थिति में लेबल पर दी गयी जानकारी मानकों एवं नियमो के अनुसार होनी चाहिये  जिससे हर स्थिति में उपभोक्ता हितों का संरक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया की इस वेबिनार में देश के 56 संस्थानों से प्रतिनिधि व छात्रों तथा 08 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
डीन ऐकडेमिक डॉ. विवेक कुमार श्रीवास्तव ने सभी का स्वागत करते हुए संस्थान के गौरवशाली इतिहास का परिचय प्रस्तुत किया।
मुख्य वक्ता ई. मोनिका रावत ने सर्वप्रथम भारतीय परिपेक्ष्य में लागू नियामक संस्थाओं की जानकारी दी जिनमें FSSAI, AGMARK, BIS आदि सम्मिलित हैं । उन्होंने बताया कि यदि हम लेबल को ध्यान से पढ़े तो खाद्य पदार्थों की उपयोगिता , पोषकता एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जो उपभोक्ता के लिए अत्यंत  उपयोगी हैं। अपने सम्बोधन में  ई. मोनिका रावत ने बेस्ट बिफोर व यूज़ बाई डेट के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा की यूज़ बाई डेट को एक्सपायरी डेट माना जाना चाहियें व इसके उपरांत खाद्य  पदार्थ असुरक्षित भी हो सकता हैं। उन्होंने लेबल में प्रयुक्त होने वाले वेज / नॉन वेज संकेतांकों के डिज़ाइन नियमों को भी विस्तार से समझाया।



उन्होंने बताया कि किसी भी पैकेज लेबल पर एमआरपी व नेट वेट के अक्षरों का आकर एक सामान होना चाहियें।  ई. मोनिका रावत ने प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 का जिक्र करते हुए बताया कि प्लास्टिक पैकेजिंग में पैकेज निर्माता कंपनी का नाम , रजिस्ट्रेशन नंबर, व पैकेज की मोटाई अंकित करना अनिवार्य हैं। भारत में लेबलिंग के संबंध में FSSAI मानकों का अनुपालन अनिवार्य हैं। ई. मोनिका रावत ने बताया कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय एवं FSSAI द्वारा स्मार्ट कंस्यूमर ऍप भी शुरू किया गया हैं जिसके तहत उपभोक्ता अपने स्मार्ट फ़ोन से लेबल स्कैन कर जानकारी हासिल कर सकता हैं। उन्होंने बार कोड के प्रकार व बारकोड में अंकित संख्याओं का अर्थ भी समझाया।  उन्होंने बताया कि बार कोड के प्रथम तीन अंक निर्माता देश को अंकित करते हैं  व् इस सम्बन्ध में प्रथम तीन अंक 890 भारतीय निर्माताओं को इंगित करते हैं। ई. मोनिका रावत ने यह भी बताया कि यदि किसी खाद्य पदार्थ को विशेष नाम दे दिया जाता हैं तो उस स्थिति में लेबल पर खाद्य पदार्थ का प्रकार अंकित करना अनिवार्य हैं।


इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. बी. एस. कुशवाह ने कहा कि आज की इस वेबिनार की उपभोक्ता के दृश्टिकोण व जागरूकता के लिए  अत्यंत उपयोगिता हैं।  प्रो. कुशवाह ने कहा कि इस वेबिनार से फ़ूड टेक्नोलॉजी के छात्रों को तकनीकी ज्ञान प्राप्त हुआ है , जो उनके लिए लाभप्रद सिद्ध होगा।
संस्थान के निदेशक (प्रशासनिक एवं वित्त ) प्रो. पंकज गुप्ता ने वेबिनार के सफल आयोजन के लिए फ़ूड टेक्नोलॉजी विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन छात्र हित में निरंतर होने चाहियें।
कार्यक्रम का संचालन वेबिनार के संयोजक डॉo आशीष खरे ने किया तथा  कार्यक्रम के अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जानकारी दी कि वेबिनार के ई-सर्टिफिकेट बहुत जल्द प्रतिभागियों को उनके आधिकारिक ई मेल पर संस्थान द्वारा प्रेषित कर दिए जायेंगे । 
कार्यक्रम के आयोजन में प्रो अपूर्व बिहारी लाल, डॉo आशीष खरे , इं अमित प्रताप सिंह का विशेष योगदान था। कार्यक्रम में डॉ दुष्यंत सिंह , डॉ ब्रजेश सिंह, डॉ श्रद्धा रानी सिंह , डॉ अमित अग्रवाल, डॉ लवकुश शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे।

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