शहीद दिवस विशेष: JECRC 'रन फॉर मार्टियर्स' में सैन्य अफसरों संग 1800 धावकों ने भरी हुंकार, प्लास्टिक-मुक्त ट्रैक से दिया सस्टेनेबिलिटी का संदेश
Media Kesari
Jaipur
जयपुर। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान की गूंज रविवार को गुलाबी नगरी की सड़कों पर सुनाई दी। अवसर था JECRC यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 'रन फॉर मार्टियर्स' मैराथन का, जहाँ करियर की दौड़ से इतर युवा पीढ़ी 'राष्ट्र-प्रथम' के संकल्प के साथ ट्रैक पर उतरी। सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी और युवाओं के जोश ने शहीद दिवस के अवसर पर देशभक्ति का एक अनूठा संगम पेश किया।
सरहद के रक्षकों संग कदमताल: 550 जवानों ने बढ़ाया उत्साह
मैराथन की सबसे गौरवशाली तस्वीर तब दिखी जब भारतीय जल, थल और नभ सेना के 550 से अधिक जवानों ने आम नागरिकों के साथ कदमताल की। करीब 1800 धावकों की भागीदारी वाली इस दौड़ में 5 वर्ष के बच्चों से लेकर 60 वर्ष के बुजुर्गों तक का उत्साह देखते ही बना। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल बीएस कांग (चीफ सिग्नल ऑफिसर, साउथ-वेस्टर्न कमांड) ने झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया। उन्होंने कहा, "हमारा हर कदम न केवल व्यक्तिगत फिटनेस, बल्कि एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में होना चाहिए।"
शक्ति और सस्टेनेबिलिटी
JECRC सेंटर फॉर सस्टेनेबिलिटी (JCS) ने इस आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की भी मिसाल पेश की।
मैराथन प्लास्टिक मुक्त रही।
आधी आबादी का दम
मैराथन में 370 से अधिक महिला धावकों ने हिस्सा लेकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
ईको-फ्रेंडली ट्रैक
'स्वच्छ भारत' विज़न के तहत पूरा आयोजन पूर्णतः प्लास्टिक-मुक्त रहा। एकत्रित कचरे को रिसाइकिल और रीयूज के लिए प्रबंधित किया गया।
संस्कार और सरोकार: अब हर साल होगी यह 'रन'
JECRC यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने 23 मार्च 1931 की ऐतिहासिक महत्ता बताते हुए घोषणा की कि यह मैराथन अब संस्थान की एक वार्षिक परंपरा बनेगी। उन्होंने कहा, "युवाओं के लिए प्लेसमेंट और करियर जरूरी है, लेकिन उनमें राष्ट्र-प्रथम की चेतना जगाना अनिवार्य है। यह रन वीर जवानों के प्रति हमारा विनम्र समर्पण है।"
विजेताओं पर हुई पुरस्कारों की बौछार
सुबह 6:00 बजे जोशपूर्ण ज़ुंबा सेशन के साथ शुरू हुई यह दौड़ 3, 5 और 10 किलोमीटर श्रेणियों में आयोजित की गई। विजेताओं के लिए ₹65,000 का प्राइज पूल रखा गया था। सभी प्रतिभागियों को टी-शर्ट, बिब, रिफ्रेशमेंट के साथ मेडल और सर्टिफिकेट देकर उनकी खेल भावना को सम्मानित किया गया।




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