UPSC 2026 Result
तिलक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पूर्व छात्र ने झुंझुनूं जिले को किया गौरवान्वित
संघर्ष की कहानी: दो बार इंटरव्यू से बाहर हुए, फिर भी नहीं डिगे कदम; गुजरात में पावर प्लांट की नौकरी छोड़ शुरू की थी तैयारी
Media Kesari
Jhunjhunu (Rajasthan)
झुंझुनूं (राजस्थान) - कहते हैं कि सफलता का रास्ता अक्सर असफलता की गलियों से होकर गुजरता है। इसे सच कर दिखाया है झुंझुनूं के 'नांद का बास' निवासी साहिल सिहाग (Sahil Sihag) ने। साहिल ने यूपीएससी (UPSC) के अपने चौथे प्रयास में देशभर में 500वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि एक समय ऐसा आया था जब लगातार मिल रही असफलताओं से टूटकर साहिल ने तैयारी छोड़ने का मन बना लिया था।
पावर प्लांट की नौकरी छोड़ चुना कांटों भरा सफर
साहिल सिहाग (sahil sihag) ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झुंझुनूं शहर के चुरू बायपास स्थित तिलक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल (Tilak Public Senior Secondary School Jhunjhunu) से पूरी की।
इसके बाद जयपुर स्थित प्रतिष्ठित MNIT से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। करियर की शुरुआत शानदार रही और गुजरात के एक थर्मल पावर प्लांट में दो साल तक नौकरी की।
लेकिन मन में देश सेवा का जज्बा था, इसलिए अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर साल 2022 में चंडीगढ़ को अपना ठिकाना बनाया और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए।
जब टूटने लगा हौसला, तब किसान पिता बने ढाल
साहिल सिहाग का सफर इतना आसान नहीं था। पहले प्रयास में प्रीलिम्स (Pre) भी क्लियर नहीं हुआ। दूसरे और तीसरे प्रयास में मेहनत रंग लाई और वे इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन की दहलीज से बाहर हो गए। तीन बार की लगातार हार ने उन्हें भीतर से झकझोर दिया था।
साहिल बताते हैं, "एक वक्त ऐसा था जब मैंने हार मान ली थी और तैयारी छोड़ने का विचार किया। तब किसान पिता सतीश सिहाग और परिजनों ने मेरा हौसला बढ़ाया। परिजनों ने कहा कि सफर लंबा है तो क्या हुआ, मंजिल करीब है।"
पूर्व विद्यालय व क्षेत्रवासियों ने जताई खुशी
साहिल की इस उपलब्धि पर उनके बचपन के स्कूल 'तिलक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल' में खुशी की लहर दौड़ गई।
स्कूल निदेशक कृष्ण कुमार महला ने हर्ष जताते हुए कहा, कि-
साहिल सिहाग की यह सफलता हमारे तिलक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए ऐतिहासिक पल है। यहां से 10वीं-12वीं पूरी करने वाला यह होनहार छात्र आज UPSC में 500वीं रैंक हासिल कर पूरे झुंझुनू को गौरवान्वित कर रहा है। तीन लगातार असफलताओं प्रीलिम्स से इंटरव्यू तक के बावजूद उसने हार नहीं मानी। गुजरात में जॉब छोड़कर चंडीगढ़ में सालों की कड़ी मेहनत का फल मिला। साहिल की स्कूली दिनों की लगन याद है, जब वो क्लास में हमेशा टॉप करता था। परिजनों का साथ और उसकी जिद ने चमत्कार कर दिखाया। यह सफलता हर स्टूडेंट को संदेश देती है कि मेहनत और हौसले से कोई सपना असंभव नहीं। तिलक परिवार साहिल को ढेर सारी शुभकामनाएं देता है, आगे और ऊंचाइयों को छुएं!"
साहिल सिहाग का सफलता मंत्र
➡️निरंतरता: दो बार इंटरव्यू में रुकने के बाद भी कमजोर कड़ियों पर काम किया।
➡️पारिवारिक सपोर्ट: मुश्किल वक्त में परिवार को अपनी ताकत बनाया।
➡️लक्ष्य के प्रति समर्पण: पावर प्लांट की सुरक्षित नौकरी छोड़ रिस्क लिया।



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