मजदूर पति का हौसला: अमित ने खुद मजदूरी कर पत्नी सुमन की पढ़ाई का खर्च उठाया; बोले- "मेरी मेहनत सफल हुई, अब सुमन बच्चों का भविष्य संवारेगी"
Media Kesari
Maie (Basedi, Dholpur)
Maie,बसेड़ी (धौलपुर)- 31 मार्च,2026।कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों और अपनों का साथ मिले, तो सफलता की राह में गरीबी कभी रोड़ा नहीं बन सकती। धौलपुर जिले के बसेड़ी क्षेत्र के एक छोटे से गांव 'माई' की बहू सुमन सेन ने इस बात को सच कर दिखाया है। सुमन ने न केवल घर की चौखट और जिम्मेदारियों को संभाला, बल्कि कठिन संघर्षों के बीच उच्च शिक्षा प्राप्त कर अच्छे अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने शिक्षक बनने के सपने की ओर मजबूत कदम बढ़ाए हैं।
हैदराबाद की धूप में तपते पति, धौलपुर में निखरता पत्नी का भविष्य
सुमन की इस सफलता के पीछे उनके पति अमित सेन का त्याग किसी तपस्या से कम नहीं है। अमित वर्तमान में हैदराबाद में कंस्ट्रक्शन लाइन (निर्माण कार्य) में मजदूरी करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद अमित ने अपनी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा पत्नी की शिक्षा पर खर्च किया। उनका एक ही लक्ष्य था-सुमन को वह मुकाम दिलाना, जिसका उसने सपना देखा था।
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ सफर, जिम्मेदारियों ने नहीं रोकी राह
सुमन की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी विद्यालय से हुई। शादी के बाद ससुराल की तमाम जिम्मेदारियों, चूल्हे-चौके के काम और पारिवारिक व्यस्तताओं के बीच भी सुमन ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने समय का प्रबंधन इस तरह किया कि घर का काम भी प्रभावित न हो और उनकी तैयारी भी चलती रहे।
सफलता का श्रेय पति के संघर्ष को
सुमन का कहना है कि यह सफलता केवल उनकी नहीं, बल्कि उनके पति के अटूट विश्वास की जीत है। "जब मैं पढ़ती थी, तो अमित ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। उन्होंने खुद पसीना बहाया ताकि मुझे किताबों और पढ़ाई में कोई कमी न आए।"
अमित खुद हैदराबाद की चिलचिलाती धूप में कंस्ट्रक्शन साइट्स पर मजदूरी करते हैं, ताकि उनकी पत्नी सुमन सेन के हाथों में कल चॉक और डस्टर हो।
"मेरी पत्नी का सपना, मेरी सबसे बड़ी जिम्मेदारी"
अमित का मानना है कि शिक्षा ही गरीबी की बेड़ियां काट सकती है। जब गांव में लोग शादी के बाद पढ़ाई छुड़वाने की बात करते थे, तब अमित ने सुमन का हाथ थामकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। अमित ने न केवल आर्थिक बोझ उठाया, बल्कि समाज की रूढ़ियों के खिलाफ जाकर पत्नी के 'शिक्षक' बनने के जुनून को जिंदा रखा।
पत्नी की सफलता पर छलकीं खुशियां
अमित कहते हैं, "मैं भले ही धूप में तप रहा हूं, लेकिन जब सुमन की सफलता की खबर मिली तो सारी थकान मिट गई। मेरा पसीना सार्थक हो गया। मुझे गर्व है कि मेरी पत्नी ने घरेलू जिम्मेदारियां निभाते हुए भी अच्छे अंकों से परीक्षा पास की। अब वह सरकारी स्कूल के बच्चों का भविष्य रोशन करेगी।"
सुमन की इस उपलब्धि से पूरे माई गांव में खुशी की लहर है।



0 Comments