हार से नहीं मानी हार:दिल्ली पुलिस में चूके,थर्ड ग्रेड में भी नहीं हुआ चयन...अब उर्दू के 'व्याख्याता' बने इमरान, राजस्थान में लहराया सफलता का परचम
इमरान खान की यह कामयाबी युवाओं के लिए एक नजीर है-कृष्ण कुमार महला (निदेशक, तिलक पब्लिक स्कूल)
Media Kesari
Jhunjhunu (Rajasthan)
झुंझुनूं (राजस्थान)- कहते हैं कि "मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।" इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है झुंझुनूं के लाडले इमरान खान (Imran Khan) ने। इमरान ने आरपीएससी द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता (फर्स्ट ग्रेड) परीक्षा-2024 (RPSC PGT School Lecturer (Urdu) 2024 result) के उर्दू विषय में पूरे प्रदेश में 12वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है।
असफलताओं से नहीं हारी हिम्मत, हार को बनाया जीत की सीढ़ी
इमरान खान को यह सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे सालों का कड़ा संघर्ष और धैर्य छिपा है। पिता याकूब खान के सपने को पूरा करने के लिए इमरान ने कई उतार-चढ़ाव देखे-
➡️ 2020: दिल्ली पुलिस परीक्षा पास की, फिजिकल भी क्लियर किया, लेकिन अंतिम मेरिट में चयन नहीं हो सका।
➡️2023: थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) तक पहुँचे, पर अंतिम चयन की सूची से बाहर हो गए।
➡️2024: लगातार दो बड़े झटकों के बाद भी इमरान टूटे नहीं और दोगुने उत्साह से तैयारी की। नतीजा आज सबके सामने है,वे अब सीधे प्रदेश में टॉप रैंक के साथ राजकीय व्याख्याता बनेंगे।
तिलक पब्लिक स्कूल (झुंझुनूं) से शुरू हुआ सफर
इमरान की इस उपलब्धि पर उनके पूर्व विद्यालय तिलक पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, झुंझुनूं में भी जश्न का माहौल है।
स्कूल के निदेशक कृष्ण कुमार महला ने इमरान की सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा -
"इमरान शुरू से ही एक मेधावी और अनुशासित छात्र रहे हैं। उनकी यह सफलता केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि बरसों के कठिन परिश्रम और अटूट धैर्य का प्रतिफल है। दिल्ली पुलिस और थर्ड ग्रेड भर्ती में मिली असफलता के बाद भी जिस तरह उन्होंने खुद को संभाला और सीधे फर्स्ट ग्रेड में प्रदेश स्तर पर 12वीं रैंक हासिल की, वह आज के दौर के युवाओं के लिए एक जीती-जागती नजीर है। इमरान ने साबित कर दिया कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो हर बाधा पार की जा सकती है।तिलक पब्लिक स्कूल परिवार उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है और यह विश्वास व्यक्त करता है कि उनका यह जज्बा अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का मार्ग प्रशस्त करेगा।"
युवाओं के लिए संदेश: "धैर्य ही सफलता की कुंजी"
इमरान खान की यह जीत उन युवाओं के लिए एक नजीर है जो एक या दो असफलताओं के बाद उम्मीद छोड़ देते हैं। इमरान का कहना है कि अगर आपके पास दृढ़ संकल्प और खुद पर भरोसा है, तो असफलताएं आपको रोक नहीं सकतीं, बल्कि आपको बड़ी जीत के लिए तैयार करती हैं।




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