Akhilesh Yadav Jaipur Visit ,Vision India by Akhilesh Yadav
गौतम के विवाह पर दी बधाई; सियासी गलियारों में अखिलेश की 'सादगी और आत्मीयता' की चर्चा, याद आए मुलायम सिंह और डॉ. यादव के पुराने दिन
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जयपुर- राजस्थान की राजधानी में शनिवार को उस समय सियासी और व्यक्तिगत रिश्तों की एक भावुक तस्वीर देखने को मिली, जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सीधे पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह यादव (Dr Karan Singh Yadav) के निवास पर पहुंचे। मौका तो डॉ. यादव के भतीजे गौतम के विवाह की बधाई देने का था, लेकिन इस मुलाकात ने समाजवादी आंदोलन के पुरोधा स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव की उन पुरानी यादों को ताज़ा कर दिया, जिन्होंने इस रिश्ते की नींव रखी थी।
रिश्तों की सियासत: 'नेताजी' का वादा, अखिलेश ने निभाया
अखिलेश यादव का यह दौरा केवल एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि उस विरासत को सहेजने की कोशिश दिखी जो उनके पिता ने शुरू की थी। डॉ. करण सिंह यादव और मुलायम सिंह यादव के बीच दशकों पुराना 'याराना' रहा है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा रही कि अखिलेश ने न केवल एक राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाते, बल्कि परिवार के एक सदस्य के रूप में उपस्थिति दर्ज कराकर 'मुलायम सिंह की दोस्ती' का मान रखा।
फूलों से स्वागत, पुरानी यादों का 'रीवाइंड'
डॉ. करण सिंह के निवास पर पहुंचते ही यादव परिवार ने अखिलेश का राजस्थानी परंपरा के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया।
पारिवारिक मेल-मिलाप: अखिलेश ने वर पक्ष और परिवार के सदस्यों के साथ काफी समय बिताया और गौतम के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
पुरानी यादें: डॉ. करण सिंह और अखिलेश के बीच पुरानी राजनीतिक यात्राओं और मुलायम सिंह जी के साथ बिताए दौर पर लंबी चर्चा हुई।
समर्थकों का हुजूम
सपा प्रमुख की एक झलक पाने के लिए क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और समर्थक भी मौजूद रहे
"सियासत अपनी जगह है, लेकिन संस्कार और संबंध सर्वोपरि हैं। डॉ. करण सिंह हमारे परिवार के स्तंभ की तरह हैं और जयपुर आकर उनसे मिलना हमेशा सुखद होता है।"
~ अखिलेश यादव (मुलाकात के दौरान)
क्यों खास है यह मुलाकात?
राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो अखिलेश यादव का इस तरह व्यक्तिगत तौर पर राजस्थान के कद्दावर नेताओं से मिलना, समाजवादी विचारधारा को उत्तर प्रदेश की सीमाओं से बाहर मजबूती देने और पुराने दिग्गजों को यह अहसास कराने की कोशिश है कि 'नया समाजवाद' अपनी जड़ों को नहीं भूला है।
अखिलेश का यह दौरा साबित करता है कि व्यस्त राजनीति के बीच भी वे 'पर्सनल टच' और 'Legacy' को कितनी अहमियत देते हैं।



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