Wedding Card Scam, Bank Fraud Alert 🚨
APK फाइल और फिशिंग लिंक का नया मायाजाल; एडीजी साइबर क्राइम ने प्रदेशवासियों को किया सचेत
Curated By Media Kesari
जयपुर 25 अप्रैल। खुशियों के घर में मातम फैलाने के लिए साइबर ठगों ने अब नया रास्ता चुना है। आपके व्हाट्सएप पर आया एक 'Digital Wedding Invite' आपकी जीवनभर की कमाई को पलक झपकते ही उड़ा सकता है।
राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने प्रदेशवासियों के लिए हाई-अलर्ट एडवाइजरी (Rajasthan Police Cyber Advisory) जारी की है। एडीजी साइबर क्राइम वी के सिंह के निर्देशानुसार, डीआईजी शांतनु कुमार सिंह ने ठगी के इस नए पैटर्न का खुलासा किया है।
डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए शादी के कार्ड के नाम पर खतरनाक लिंक और फाइल (APK File Virus) भेज रहे हैं। ये फाइल और लिंक मोबाइल फोन में पहुंचते ही न केवल निजी जानकारी चुरा लेते हैं, बल्कि बैंक खाते तक को खाली कर सकते हैं।
ठगी (online loot) के 03 खतरनाक तरीके
1. APK फाइल फ्रॉड :
अपराधी आपको व्हाट्सएप पर Marriage.apk नाम की एक फाइल भेजते हैं। जैसे ही आप इसे डाउनलोड या इंस्टॉल करते हैं, आपके फोन का पूरा कंट्रोल (कैमरा, माइक, एसएमएस) हैकर के पास चला जाता है। इसके जरिए वे आपके बैंक ओटीपी चोरी कर लेते हैं।
2. फिशिंग लिंक फ्रॉड:
इसमें फाइल के बजाय एक वेब लिंक भेजा जाता है (जैसे: bit-ly/wedding-invite)। लिंक पर क्लिक करते ही एक पेज खुलता है जो आपसे मोबाइल नंबर या बैंक डिटेल्स मांगता है, या फिर बैकग्राउंड में जासूसी सॉफ्टवेयर डाउनलोड कर देता है।
3. इमोशनल ब्लैकमेल/अर्जेंसी फ्रॉड:
हैकर आपके किसी परिचित का अकाउंट हैक कर मैसेज भेजते हैं; भाई, शादी का कार्ड भेजा है, जल्दी देख कर बताओ वेन्यू सही है या नहीं? जानने वाले का नाम होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं।
बचाव के लिए क्या करें :
एक्सटेंशन चेक करें: यदि किसी फाइल के अंत में .apk लिखा है, तो वह कार्ड नहीं बल्कि एक वायरस (सॉफ्टवेयर) है। उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें।
गूगल प्ले प्रोटेक्ट: अपने फोन की सेटिंग में जाकर 'Google Play Protect' को हमेशा ऑन रखें।
फोन करके पुष्टि करें: यदि किसी रिश्तेदार के नंबर से संदिग्ध कार्ड या लिंक आए, तो पहले उन्हें फोन करके पूछें कि क्या उन्होंने वाकई कुछ भेजा है।
अनजान लिंक से बचें: छोटे लिंक जैसे (' (जैसे bit-ly या tinyurl))-पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें।
ठगी होने पर यहाँ करें शिकायत:
यदि आप या आपका कोई परिचित ऐसी धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930(Cyber Crime Helpline 1930), साइबर हेल्पडेस्क 9256001930/9257510100, ऑनलाइन पोर्टल https://cybercrime.gov.in और अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

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