Tender Scam: टेंडर घोटाले में अधिकारियों को हाइकोर्ट से कारण बताओ नोटिस , क्या अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा ?

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फ़र्ज़ी दस्तावेजों से टेंडर लेने के मामले में प्रमुख सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी सहित 11 को हाई कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किए



By Desk ✍🏻



जयपुर- 21 मई। राजस्थान उच्च न्यायालय ने पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की  जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सूचना  प्रौद्योगिकी  संचार विभाग तथा राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड के पांच अधिकारियो व महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो सहित 11 को कारण बताओ नोटिस जारी किये।  पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की तरफ से बहस करते हुए अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी एवं टी एन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग ने फैसिलिटी मैनेजमेंट सिस्टम के लिए टेंडर जारी किये जिसकी शर्तो में एक मुख्य शर्त यह थी कि सम्बंधित फर्म का टर्नओवर एक करोड़ रूपये प्रति वर्ष होना चाहिए मगर विभाग के अधिकारी आर सी शर्मा तथा आशुतोष देशपांडे ने एक फर्म precise रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन के साथ मिलीभगत कर एवं नियम विरुद्ध जा कर वर्क ऑर्डर्स दे दिए जब कि उस फर्म का वार्षिक टर्न ओवर केवल कुछ लाख रूपये ही था।
 इसी प्रकार एक दूसरे मामले में राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज ने फाइबर ऑप्टिकल केबल के लिए 2015 में टेंडर निकाला था जिसमें भाग लेने वाली फर्म के लिए औसत वार्षिक टर्नओवर पांच करोड़ रूपये होना अनिवार्य था मगर प्रोजेक्ट के प्रभारी अधिकारी योगेंद्र मौर्य एवं कुलदीप यादव ने फर्म श्याम कृपा के साथ मिलीभगत कर उसे करोडो रूपये के वर्क आर्डर दे दिए जब कि मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स से प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार उक्त फर्म के वार्षिक टर्न ओवर लगभग तीन करोड़ रूपये ही था।



इसी प्रकार के एक अन्य मामले में राजकॉम्प इन्फो सर्विसेज लिमिटेड ने जीपीएस लगाने के लिए टेंडर निकला था जिसमे मुख्य शर्त यह थी कि फर्म के वार्षिक टर्न ओवर बीस करोड़ रूपये होना चाहिए मगर प्रभारी अधिकारी दीपशिखा सक्सेना ने फर्म K K Electronate को करोडो रूपये के वर्क आर्डर दे दिए जब कि  प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार K K  Electronate का वार्षिक टर्न ओवर लगभग 11 करोड़ ही था।
अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी व टी एन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि उक्त मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भी जानकारी दी गई मगर उन्होंने कोई कार्यवाही नही की, बहस से सहमत होने और दस्तावेजों पर मनन करने के पश्चात राजस्थान उच्च न्यायालय की जस्टिस  सबीना एवं जस्टिस सी के सोनगरा की खंडपीठ ने महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो,  सभी सम्बंधित  अधिकारियों तथा उक्त तीनो फर्मो को कारण बताओ नोटिस जारी किये एवं अगली सुनवाई 2 जुलाई को रखी गयी है।

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