पुस्तकालय से 1060 पुस्तकें गायब, स्वर्ण अक्षरों से लिखी जिल्द वाले दुर्लभ ग्रन्थ भी शामिल

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लंदन में तैयार होती थी दुर्लभ ग्रंथों की ज़िल्द




झालावाड़ /हरिमोहन चोडॉवत 





झालावाड़-23 जुलाई।  जिले के सबसे बडे राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सबसे बड़ा पुस्तकालय है जहाँ 50 हजार 602 किताबे हैं। इनमें से 1060 किताबे गुम हो गई हैं जिसके बाद से शहर में हडकम्प मचा हुआ है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार पुस्तकालय के परमानंद भाग में 14 हजार 403 पुस्तके हैं, इनमे से 97 किताबे गुम हो गईं।  बताया जा रहा है कि गुम हुई किताबें बहुत अनमोल और दुर्लभ  थीं। किताबों में कई वॉल्यूम सीरियल से गायब है।
सूत्र बताते हैं कि परमानंद लाइब्रेरी की किताबे दुर्लभ श्रेणी में आती हैं।


 पिछले 20 साल से इनका चार्ज लायब्रेरियन पीडी गुप्ता के पास था जो कि अब सेवानिवृत्त हो गए हैं लेकिन वो अभी तक कॉलेज में किसी को भी चार्ज नही दे पाए क्योंकि चार्ज भौतिक सत्यापन के बाद ही दूसरा व्यक्ति लेगा।
ऐसे में जब सारी पुस्तको की गिनती को लेकर काफी खींचतान हुई तो मामला निदेशालय तक पहुँच गया और निदेशालय ने टीम बनाकर झालावाड भेजी।
यह टीम पिछले 1 माह से यहां गिनती कर रही थी जिनमे 1060 किताबे कम मिलीं। सूत्र बताते हैं कि गायब हुई पुस्तकों में से 97 दुर्लभ ग्रन्थ भी शामिल हैं।

लन्दन में तैयार होती थी जिल्द



झालावाड़ के महाराज राणा भवानी सिंह ने 1911में इस लायब्रेरी की स्थापना की थी। राज्य के दीवान परमानंद चतुर्वेदी  के नाम पर इसका नाम रखा गया था।  इसमें विभिन्न विषयों और भाषाओं के 21 हजार 717 ग्रन्थ हैं।
ग्रंथो की जिल्द लंदन में तैयार की गई थी जिन पर स्वर्ण अक्षरों में परमानंद पुस्तकालय लिखा हुआ होता था । हर किताब की 3 प्रतियां मंगवाई जाती थी। लाइब्रेरी में भारतीय इतिहास साहित्य, स्थापत्य कला, भाषा, धर्म, दर्शन पर अन्य दुर्लभ ग्रंथ उपलब्ध है।


भवानी सिंह के बाद 1929 में शासक बने महाराज राणा राजेंद्र सिंह सुधाकर ने भी अपने पिता के समान लाइब्रेरी में सही संरक्षण दिया। 1946 में पुस्तकालय को राजकीय पीजी कॉलेज को सौंपा गया।
 यह लायब्रेरी न केवल रियासत कालीन भव्य विरासत है बल्कि ग्रन्थो की दृष्टि से राजस्थान का अनमोल पुस्तकालय है।
इसमे अनमोल ग्रंथ गायब होने पर बहुत बड़ा सवाल उठता है।


 इस मामले में कॉलेज प्राचार्य बी.सी मीणा कह रहे हैं कि टीम जांच करके गई अब वही से रिपोर्ट आएगी। जो भी होगा उसके बाद ही जानकारी दी जाएगी।

वहीं दूसरी ओर  20 साल से लायब्रेरी सम्भाल रहे पुरुषोत्तम गुप्ता जिनके पास लायब्रेरी का चार्ज था सभी आरोपो को नकार रहे है उनका कहना है कि मैने जब चार्ज लिया तब भी ऐसा ही था।

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