पैंथर्स पार्टी जनविरोधी मोदी सरकार के आते ही भारत की जनता को सावधान करती रही--शाहिद खान

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योगी आदित्यनाथ को अब असली सन्यास की तरफ अग्रसर होना चाहिए- खान



मीडिया केसरी वेब डेस्क ✍🏻


जयपुर -30 सितम्बर, 2020। राजस्थान प्रदेश नेशनल पैंथर्स पार्टी के महासचिव  शाहिद खान ने कल हाथरस  उत्तर प्रदेश में नाबालिग लड़की का बलात्कार से हुई मृत्यु के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में मध्य रात्रि को बिना परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में लड़की का अंतिम संस्कार कर दिया, जो काफी चैंकाने वाली बात है। 


 शाहिद खान ने कहा कि भारतीय  हिंदू संस्कृति में सूरज ढलने के बाद अंतिम संस्कार नहीं किया जाता।अपने-अपने रीति-रिवाज जिसके आधार पर नाबालिग बच्चों का अंतिम संस्कार किया जाता है।




 उन्होंने कहा कि पैंथर्स पार्टी ने 22 जुलाई, 2017 को जंतर मंतर, नई दिल्ली पर एक प्रदर्शन किया था, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि मोदी सरकार से भारतीय संस्कृति भयभीत है अर्थात कश्मीर से कन्याकुमारी तक किसी न किसी रूप में 2014 के बाद भारत जल रहा है और सरकार-प्रशासन आपस में लड़ रहे हैं, जिससे जनता का नुकसान हो रहा है। चाहे वह महाराष्ट्र सरकार हो या राजस्थान सरकार हो या मध्य प्रदेश सरकार कहीं न कहीं मुख्यमंत्रियों की संख्या बढ़ाने में मोदी सरकार आगे है। नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार होने के बाद उसकी रोकथाम न करने पर लड़की की मृत्यु के बाद यह घिनौना अपराध उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है, जिन्हें अब असली सन्यास की तरफ अग्रसर होना चाहिए, ताकि धर्म का विनाश होने से बचे अन्यथा भगवान इस कुकर्म के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। कुदरत का कहर कोराना के रूप में कैसे सब पर भारी है, इससे भी इन नेताओं को सबक नहीं मिल रहा है। 

पैंथर्स पार्टी की इसकी घोर निंदा करती है और योगी सरकार से अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकत को देखते हुए तत्काल इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए, जिस प्रकार जम्मू-कश्मीर में भी टोल प्लाजा का विरोध करने पर कई धाराओं में पैंथर्स पार्टी कार्यकर्ताओं पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह तानाशाही रवैया मोदी सरकार की देखरेख में चल रहा है, जिसका खुलकर विरोध सभी भारतवासियों को करना चाहिए।

हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई, दलित, ब्राह्मण, ऊंच-नीच, जात-पात को छोड़ो भारत से नाता जोड़ो। भारत सोने की चिड़िया कहलाता था, सोना तो खत्म हो गया, कहीं ऐसा ना हो की चिड़िया भी उड़ जाए फिर हम सब सोचते रह जाएं। हिन्दुस्तान को मिटने देना नहीं, जालिमों को छोड़ना नहीं, यही भारत की प्राचीन परम्परा है। 



 


 

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