FarmersProtest Updates-किसान ट्रैक्टर यात्रा- जयपुर में 'पारले बिस्कुट' की लगी बोली, किसान कठपुतली को देखने उमड़े लोग

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किसान बचेगा तो ही देश बचेगा- शंकर सिंह


ये काले कानून मजदूर, किसान और छोटे व्यापारियों पर घातक असर करेंगे- नचिकेत उडूपा

 कृषि कानूनों की सच्चाई किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों को समझ आने लगी है


 किसान समर्थन ट्रैक्टर यात्रा का हुए मुहाना और लालकोठी सब्जी मंडी में हुआ जोरदार स्वागत


मीडिया केसरी डिजिटल डेस्क ✍🏻


जयपुर 13 जनवरी 2021- केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन जनता तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर यात्रा निकाली जा रही है जिसका सभी जोरदार स्वागत कर रहे हैं। जनता को बताया जा रहा है कि इन काले कानूनों से सीधे तौर पर प्रभावित किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों पर फ़र्क पड़ेगा।

इसी कड़ी में बुधवार को  सबसे पहले यात्रा जयपुर की मुहाना मंडी में पहुंची जहां पर बड़ी संख्या में किसान, छोटे व्यापारी और मजदूर मौजूद थे। यहां मंडी कमेटी की ओर से सभी यात्रियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। 


मुहाना मंडी में अपनी बात रखते हुए मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक शंकर सिंह ने कहा कि किसान बचेगा तो ही देश बचेगा । 


उन्होंने कहा कि निजी कंपनियों के आने से  मंहगाई बढ़ रही है जो आगे और भी बढ़ेगी।   किसानों का कहना था कि जैसे हमारी फसल की बोली लगाई जाती है वैसे ही कंपनियों के सामानों की बोली लगाई जानी चाहिए।  छोटे व्यापारी और मजदूरों ने किसानों की मांगों का समर्थन किया। यहां पर कमेटी के अध्यक्ष व सचिव एच एम खान ने सभी यात्रियों का स्वागत किया और किसानों का साथ देने का वादा किया। सभी किसानों, मजदूरों और मजदूरों ने एक स्वर में कहा कि एमएसपी की कानूनी गारंटी का कानून किसानों की बहुत जायज मांग है जिसे सरकार को हर हालत में मानना चाहिए।


नुक्कड़ सभाओं का हुआ आयोजन


मुहाना मंडी के बाद  के बाद लालकोठी फल सब्जी मंडी पर सभा हुई जहां पर  राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के मुकेश गोस्वामी ने कहा कि आज हमें केंद्र सरकार द्वारा लाए गए दो खेती से संबंधित कानूनों एवं आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम 2020 के बारे में समझना बहुत जरूरी है। दाल, अनाज, तिलहन और सब्जीयों की जमाखोरी नहीं की जा सकती थी। ये सभी चीजें या तो किसान रख सकते हैं या सरकार रख सकती थी लेकिन अब निजी कंपनियां अपने पास असीमित सब्जी, अनाज, दाल और तिलहन रख सकेंगे। वे खरीदकर जमाखोरी करेंगे और बहुत महंगे भाव में बेचेंगे। अब किसान का माल सस्ते भाव में बिकेगा और वापस बड़े व्यापारियों से बहुत महंगे भाव में खरीदना पड़ेगा। 


  इस अवसर पर उपस्थित मजदूर किसान शक्ति संगठन से जुड़े नचिकेत उड़ूपा ने कहा कि ये 3 काले कानून  किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों पर घातक रूप से असर करेंगे और कंपनी राज आ जाएगा। इसलिए छोटे व्यापारियों और ठेले वाले को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। वहीं  जनवादी महिला समिति से जुड़ी सुमित्रा चौपड़ा ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसान की नहीं है यह उन सभी की लड़ाई है जो अन्न खाते है। यहां मंडी के महासचिव का.भोजराज ने यात्रियों का स्वागत किया और किसानों की लड़ाई में साथ देने का आह्वान सभी से किया। अल्बर्ट हॉल पर फसल बीमा के बारे में बोलते हुए कमलराज ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल कंपनियों के लिए फायदे का सौदा है और किसान के साथ लूट है। क्योंकि जितना प्रीमियम किसान और सरकार मिलकर जमा करते हैं उससे बहुत कम क्लेम मिलता है। राजसमंद के भीम से लेकर जितने भी गांव रास्ते में आए और जिनमें मीटिंग की गई उन सभी में किसानों ने कहा कि आज तक एक रुपया भी फसल बीमा का क्लेम नहीं मिला। विनीत भांभू ने कहा कि सरकारें कंपनियों के कहने से इसलिए कानून बनाती हैं क्योंकि ये कंपनियां ही राजनीतिक दलों को इलेक्टोरल बॉन्ड के रूप में चुनाव में अनाप शनाप खर्चा करने के लिए पैसा देती है। 

 प्रसिद्ध रंगकर्मी एवं कलाकार रामलाल भट्ट ने कहा कि मजदूरों को भी यह बात समझनी चाहिए क्योंकि बड़ी कंपनियां आएंगी तो सामान मॉल में बिकेगा और बहुत मेंहगा खरीदना पड़ेगा ।

 सभा को संबोधित करते हुए राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा श्रीमती लाड़ कुमारी जैन ने कहा कि यह कंपनी राज की शुरुआत है, हमारा किसानों के इस आंदोलन को पूरा समर्थन है और यात्रा के सभी साथियों का स्वागत भी करती हूं।  

समग्र सेवा संघ से जुड़े और गांधीवादी सवाई सिंह ने कहा कि  इस आंदोलन का पूरा समर्थन हम करते हैं और इस लड़ाई में साथ हैं। कार्यक्रम को मुस्लिम महिला आंदोलन से जुड़ी निशात हुसैन, पीपुल्स साइंस मूवमेंट और पीयूसीएल से जुड़ी कोमल श्रीवास्तव, जमाते इस्लामी हिन्द के राज्य अध्यक्ष मो. नजीमुद्दीन, महिला पुनर्वास समूह से पुष्पा सैनी, राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन के ईश्वर सिंह व राजस्थान मजदूर किसान मोर्चा के नौरतमल, कानी बाई, रामगोपाल बैरवा, ने भी संबोधित किया। ने भी सभा को संबोधित किया। 


 किसान कठपुतली के ज़रिए समझाया किसानों का दर्द


किसान कठपुतली ने लोगों को बहुत आकर्षित किया। कठपुतली ने पारले बिस्कुट की बोली लगाकर किसान के दर्द को बख़ूबी समझाया। लोग इसे देखने के लिए उमड़ पड़े और ध्यान से बात भी सुनी।


सरल भाषा में बांटे पर्चे

मुहाना मंडी, लालकोठी फल सब्जी मंडी और अल्बर्ट हॉल पर वॉलंटियर्स के द्वारा पर्चे बांटे गए जिसमें सरल भाषा में तीनों कानून के बारे में समझाया गया है। 

यात्रा कूकस रवाना

 यात्रा बगरू के लिए रवाना हुई जो वहां मजदूरों और किसानों के साथ संवाद करेगी ।

गुरुवार को यात्रा कूकस से कोटपुतली तक विभिन्न गांवों और कस्बों में संवाद करेगी।

 

उल्लेखनीय है कि मजदूर किसान शक्ति संगठन एवं राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन द्वारा किसानों के समर्थन में यह किसान समर्थन ट्रेक्टर यात्रा शुरू की है जो जगह जगह संवाद और मीटिंग करते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर पहुंचेगी 


मजदूर किसान शक्ति संगठन, राजस्थान असंगठित मजदूर यूनियन एवं पीयूसीएल अजमेर की ओर से शंकर सिंह, बालू लाल, रामलाल, नोरतमल, कानी बाई,रामगोपाल बैरवा, मुकेश कुमार, नचिकेत, मीरा बाई, कमलराज, प्रेमी बाई, विनीत, गजेन्द्र, पुष्पेन्द्र, श्रीराम,  ईश्वर तारु सिंह, प्रवीण,गोपजी अमरसिंह एवं सभी साथी मौजूद रहे।

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