सामान्य चुनाव और उपचुनाव 2026
सोशल मीडिया पर MCC उल्लंघन, फेक कंटेंट पर कार्रवाई तेज,C-Vigil से 3 लाख शिकायतें सॉल्व, 48 घंटे साइलेंस पीरियड सख्त
Curated By Media Kesari
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पुनः स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित पक्ष सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदार एवं नैतिक उपयोग करें और प्रचलित कानूनी प्रावधानों, जैसे कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000, आईटी नियम, 2021 तथा आदर्श आचार संहिता (MCC) का पालन सुनिश्चित करें।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी भ्रामक या अवैध एआई-जनित या परिवर्तित (manipulated) सामग्री की सूचना मिलने पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 3 घंटे के भीतर उस पर कार्रवाई करें।
राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और प्रचार प्रतिनिधियों के लिए यह आवश्यक किया गया है कि वे चुनाव प्रचार में उपयोग की जाने वाली किसी भी सिंथेटिक या एआई-परिवर्तित सामग्री को स्पष्ट रूप से “AI-Generated”, “Digitally Enhanced” या “Synthetic Content” के रूप में लेबल करें, साथ ही स्रोत की जानकारी भी दें, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मतदाताओं का विश्वास कायम रहे।
असम, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए चल रहे चुनावों में सोशल मीडिया सामग्री—जैसे MCC उल्लंघन करने वाले पोस्ट, कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री, या मतदान प्रक्रिया/प्रणाली के खिलाफ झूठे नैरेटिव की निगरानी की जा रही है और संबंधित राज्य आईटी नोडल अधिकारियों द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
15 मार्च 2026 को चुनाव की घोषणा के बाद से अब तक 11,000 से अधिक सोशल मीडिया पोस्ट/यूआरएल की पहचान कर उन पर कार्रवाई की गई है, जिसमें सामग्री हटाना, एफआईआर दर्ज करना, स्पष्टीकरण और खंडन शामिल हैं।
आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के प्रावधानों को भी दोहराया है, जिसके तहत मतदान समाप्ति से पहले 48 घंटे की “शांत अवधि” (silence period) के दौरान किसी भी प्रकार की चुनाव संबंधी सामग्री का प्रसारण प्रतिबंधित है। सभी मीडिया प्लेटफॉर्म टीवी, रेडियो, प्रिंट और सोशल मीडिया को इन नियमों का सख्ती से पालन करना होगा।
इसके अतिरिक्त, नागरिक, राजनीतिक दल और उम्मीदवार MCC उल्लंघनों की शिकायत ECINET के C-Vigil मॉड्यूल के माध्यम से कर सकते हैं। 15 मार्च से 19 अप्रैल तक कुल 3,23,099 शिकायतें C-Vigil ऐप पर दर्ज की गईं, जिनमें से 3,10,393 (96.01%) शिकायतों का निर्धारित 100 मिनट की समय सीमा के भीतर निपटारा किया गया।


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