Illegal debt collection tactics Pune
RBI का नियम: कोई रिकवरी एजेंट आपको हाथ नहीं लगा सकता!
Curated By Media Kesari
महाराष्ट्र- पुणे के हडपसर (Hadapsar,India) इलाके में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है।
यहाँ 15 नंबर चौक पर क्रेडिट कार्ड के बकाया रुपयों के लिए प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट्स ने एक व्यक्ति की सरेआम पिटाई कर दी।
हैरानी की बात यह है कि उसकी पत्नी के सामने उसे बेरहमी से पीटा गया। सड़क पर चलते राहगीर तमाशबीन बने रहे।
क्या यही हमारे देश का बैंकिंग सिस्टम है?
वित्तीय संस्थान (NBFCs/MFIs) वसूली के लिए Recovery Agents के नाम पर जिन 'गुंडों' का सहारा ले रहे हैं, वे भूल जाते हैं कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।
याद रखें: आप कर्जदार हो सकते हैं, अपराधी नहीं!
देखिये Video 🎥
घटना : कानून की नज़र से
यदि आप किसी वित्तीय संस्थान के कर्ज़दार हैं, तो आपको RBI के निम्न नियमों (RBI guidelines for recovery agents) की जानकारी होनी चाहिए--
➡️ IIBF Certification for recovery-RBI के नियमों के अनुसार, हर रिकवरी एजेंट के पास IIBF (Indian Institute of Banking and Finance) का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। हड़पसर के उन 'गुंडों' के पास क्या यह लाइसेंस था?
➡️पूर्व सूचना (Prior Notice): बिना किसी कानूनी नोटिस या सूचना के सीधे शारीरिक हमला करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। Debt recovery agent rules India
➡️गोपनीयता और मर्यादा का उल्लंघन: RBI नियम कहते हैं कि रिकवरी एजेंट ग्राहक की निजता का सम्मान करेंगे। सार्वजनिक स्थान पर मारपीट करना 'Right to Privacy' और 'Right to Dignity' का सीधा उल्लंघन है।
क्या करें.. यदि कोई एजेंट आपको डराता है या छूता है?
➡️फौरन Police 100 पर कॉल करें।
➡️घटना का Video Record करें (यह आपका कानूनी अधिकार है.. Right to record recovery agents)
➡️RBI Ombudsman- (लोकपाल) को टैग करें और बैंक के खिलाफ शिकायत दर्ज करें।
RBI को इन NBFCs और MFIs पर लगाम कसनी चाहिए क्योंकि बैंकिंग और वित्तीय नियमों को ताक पर रखकर की गई यह गुंडागर्दी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि मानवीय गरिमा पर भी हमला है।

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