Lucknow Vikas Nagar Fire Relief
मदद के लिए जुटे हाथ: शुक्रिया वेलफेयर सोसाइटी और समाजसेवी संगठनों ने पेश की मानवता की मिसाल, 300 परिवारों को मिला संबल
Curated By Media Kesari
लखनऊ -20 अप्रैल, 2026: कहते हैं कि आपदा चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, इंसानियत का जज्बा उससे कहीं ज्यादा बड़ा होता है। लखनऊ के विकास नगर कच्ची बस्ती में हुए भीषण अग्निकांड ने जहां सैकड़ों परिवारों का सब कुछ छीन लिया, वहीं राजधानी के समाजसेवियों ने अपनी तत्परता से इन पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है।
राहत सामग्री के साथ पहुंची उम्मीद की किरण
अग्निकांड की सूचना मिलते ही शुक्रिया वेलफेयर सोसाइटी (Shukriya welfare Society) और राउंड टेबल (Round Table) की चेयरपर्सन जागृति गुप्ता राहत सामग्री लेकर मौके पर पहुंचीं। विनाशकारी आग में अपना आशियाना खो चुके लगभग 300 परिवारों के बीच दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया।
वितरित की गई प्रमुख सामग्री:-
बर्तन एवं उपकरण: 200 बाल्टियां, 350 तसले, जग, गिलास और खाना पकाने के लिए स्टोव।
खाद्य सामग्री: 100 किलो चावल, 50 किलो शक्कर, 25 किलो चाय की पत्ती व अन्य रसद।
वस्त्र एवं बिछावन: दरियां, चादरें, चटाइयां और नए कपड़े।
संकट की घड़ी में 'एकजुट लखनऊ'
राहत कार्यों में स्थानीय लोगों का जुड़ाव अद्भुत रहा। मोहम्मद इमरान सिद्दीकी ने पड़ोसी धर्म निभाते हुए दिन-रात पीड़ितों की सेवा में खुद को समर्पित कर दिया है। वहीं, मजाज़ वारसी ने साझा किया कि, "यह समय भेदभाव भूलकर एक-दूसरे का हाथ थामने का है। समाज के हर वर्ग ने आज साबित कर दिया कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं है।"
एक भावुक पल तब दिखा जब गफ्फार परिवार के नन्हे बच्चों ने अपने गुल्लक तोड़कर अपनी पॉकेट मनी से पीड़ितों के लिए सामान खरीदा। आसिफ वाहब ने बताया कि बच्चों की इस पहल ने बड़ों को भी प्रेरित किया।
"सम्मान के साथ जीवन जीना ही इंसानियत की सबसे बड़ी ऊंचाई है। हम केवल सामान नहीं बांट रहे, बल्कि उन्हें यह अहसास दिला रहे हैं कि वे अकेले नहीं हैं।" - अमीर हनीफ
अनुभव और सेवा का संकल्प
राहत कार्यों का नेतृत्व कर रहीं डॉ. नीलोफर शाह (Dr Neelofar Shah) ने बताया कि उनकी टीम का सेवा भाव का यह जज्बा पुराना है।
➡️ 2020: ऐशबाग कच्ची बस्ती अग्निकांड में मोर्चा संभाला।
➡️ 2023: बांसमंडी अग्निकांड में दी थी सेवाएं।
➡️ 2026: अब विकास नगर के 300 परिवारों के पुनर्वास का संकल्प।
डॉ नीलोफर शाह ने विकास नगर की घटना को अत्यंत भयावह बताते हुए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
वहीं, सईदुल हसन ने इसे रूहानी खिदमत बताते हुए कहा कि जरूरतमंदों की दुआएं ही सबसे बड़ी दौलत हैं।
सिर्फ राहत नहीं, अब 'पुनर्वास' की तैयारी
समाजसेवी मोहम्मद इसरार इदरीसी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि-
यह सहायता केवल एक दिन की औपचारिक भेंट नहीं है। हमारा अगला लक्ष्य इन परिवारों का पुनर्वास (Rehabilitation) और उनके लिए रोजगार की व्यवस्था करना है, ताकि ये परिवार फिर से अपने पैरों पर खड़े हो सकें।
विकास नगर के इस अग्निकांड ने भले ही घरों को जला दिया हो, लेकिन यह समाज के हौसले को नहीं डिगा पाया। विभिन्न संगठनों और व्यक्तियों के इस सामूहिक प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब शहर के लोग एक साथ खड़े होते हैं, तो बड़ी से बड़ी आपदा भी घुटने टेक देती है।



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