1 Rupee Dowry Wedding
जाटान और कालीपहाड़ी का बास में राहुल और पूजा ने मात्र 1 रुपया दहेज लेकर समाज को एक नई दिशा दिखाई। जानिए इस प्रेरणादायक 'आदर्श विवाह' (Adarsh Vivah) की पूरी कहानी।
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झुंझुनूं- राजस्थान के झुंझुनूं जिले में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ पहल करते हुए मानुता जाटान और कालीपहाड़ी का बास के दो परिवारों ने समाज के सामने सादगी और संस्कारों का एक ऐतिहासिक उदाहरण पेश किया है।
हुआ यूँ कि दिनांक 26 अप्रैल को झुंझुनूं के कालीपहाड़ी का बास में एक सगाई समारोह का आयोजन किया गया था। मानुता जाटान निवासी नाहरसिंह छाबा के सुपुत्र राहुल छाबा की सगाई महिपाल मील की सुपुत्री पूजा मील के साथ तय हुई थी। कार्यक्रम में दोनों पक्षों के परिजन और समाज के गणमान्य लोग एकत्रित थे।
तभी सगाई की रस्म के दौरान समाज के बुजुर्गों और प्रबुद्ध व्यक्तियों ने दोनों परिवारों के सामने एक विचार रखा। उन्होंने आग्रह किया कि फिजूलखर्ची और दहेज की कुप्रथा को त्यागकर समाज को एक नई दिशा (Social Reform) दी जाए। दोनों परिवारों ने इस सुझाव का न केवल सम्मान किया, बल्कि उसे सहर्ष स्वीकार भी कर लिया।
इस तरह सगाई के कार्यक्रम को ही विवाह की रस्म में बदलने का निर्णय लिया गया और मात्र एक रूपये में कन्यादान करते हुए रिश्तों की नई परिभाषा लिखी गई।झुंझुनूं के इन दो परिवारों ने साबित कर दिया कि "संस्कार" बैंक बैलेंस से कहीं ज्यादा कीमती होते हैं।
Rahul Chhaba Pooja Meel Wedding
इस सादगीपूर्ण विवाह ने यह भी साबित कर दिया कि यदि समाज के युवा और बुजुर्ग मिलकर संकल्प लें, तो दहेज प्रथा (Dowry System) जैसी कुरीतियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। झुंझुनूं के इन दोनों परिवारों की इस सोच को यदि हर परिवार इसी तरह अपनाए, तो समाज से आर्थिक बोझ और भेदभाव पूरी तरह खत्म हो सकता है और Dowry Free India बनाया जा सकता है।
Media Kesari परिवार की ओर से ढेर सारा प्यार और दुआएं इस जोड़ी को!

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