टमाटर में लगा रोग, हलधर हुए चिन्तित

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टमााटर का ना भाव ना पैदावार
-थोक में 8 तो खुदरा में 30



हलेना (भरतपुर)। टमाटर में रोग एवं कम पैदावार तथा बाजार में थोक भाव कम होने से हलधर चिन्तित है,जिन्हे टमाटर की लागत भी वसूल नही हो रही है। भले ही टमाटर के थोक भाव 6 रू से 8 रू तथा खुदरा भाव 25 रू से 30 रू तक है,जिसका लाभ पैदावार करने वाला नही खुदरा में सब्जी बेचने वाला को हो रहा है। थोक भाव का कम होना कोविड-19 महामारी एवं लाॅकडाउन को मददेनजर रख बन्द पडी सब्जी मण्डियां है।

--यहाँ होती है टमाटर की पैदावार

 गोविन्दपुरा,प्रेमनगर,वल्लमगढ,सिकन्दरा, नावर,झालाटाला,बिजवारी, समराया,मुहारी,रमासपुर,हिसामडा,भोपर,सिरस,जगजीवनपुर आदि गांव में टमाटर की पैदावार होती है।




--क्या कहते हैं हलधर


टमाटर की पैदावार करने वाला गांव गोविन्दपुरा निवासी बच्चूसिंह व ममता देवी ने बताया कि टमाटर के भाव कमजोर,पैदावार कम तथा रोग लगने से किसान चिन्तित है,जिन्हे टमाटर की लागत एवं मेहनत वसूल नही हो रही है। टमाटर में 70 से 80 प्रतिशत रोग लगा हुआ है,रोगी टमाटर को फेंन रहे है। उन्होने बताया कि सबसे ज्यादा प्रभाव लाॅकडाउन का है,जिसकी पालना करते हुए दिन-रात मेहनत कर टमाटर को लेकर सब्जी मण्डी पहुँचते है,जहां थोक व्यापारी कोविड-19 महामारी एवं लाॅकडाउन का भय दिखाकर ,टमाटर को सस्ते भाव बेच देते है। थोक में टमाटर 6 रू से 8 रू तक बिक रहा है। बाजार में खुदरा दुकानदार टमाटर को 25 रू से 30 रू तक बेच रहे है।

गांव प्रेमनगर निवासी महेशचन्द ने बताया कि टमाटर में रोग लगा हुआ है,बाजार से कीटनाशक दवा लाते है,दुकानदार लाॅकडाउन का फायदा उठा कर नकली एवं घटिया किस्म की कीटनाशक बेच कर किसान को गुमराह तथा उसका शोषण कर रहे है।

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