'लचर' व्यवस्था- 'लाचार' मरीज़..... स्ट्रेचर सहित मरीज पहुँचा बाजार में, अस्पताल प्रशासन को भनक तक नहीं !!

देखा गया

पैसों के जुगाड़ में मरीज़ ख़ुद बाज़ार निकल पड़ा



झालावाड़/हरिमोहन चोडॉवत ✍🏻


झालावाड़-  मज़बूरी इंसान से क्या-क्या नहीं करवा लेती, इसका एक उदाहरण झालावाड़ के बाज़ार में देखने को मिला।

बाज़ार में लोग उस समय भौचक्के रह गए जब एक मरीज़ को स्ट्रेचर पर घूमते हुए लोगों से आर्थिक मदद माँगते देखा। इससे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि मरीज़ के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर भी लगा हुआ था।


  हुआ यूँ कि पिड़ावा कस्बे का रहने वाला दिनेश अस्पताल के टीबी वार्ड के भर्ती है। इलाज़ के दौरान उसके पास अस्पताल के ख़र्चे के लिए रुपये खत्म हो गए।




उसकी डायरी में पैसे जमा थे पर निकल नही पाए। जब और कहीं से रुपयों का इंतज़ाम नहीं हो पाया तो दिनेश ने अपने छोटे भाई को स्ट्रेचर को धक्का देने को कहा और शहर के मंगलपुरा चोराहे तक पहुँच गया।
गनीमत यह रही कि वहाँ शहर के जागरूक युवक चेतन शर्मा और एक पुलिस कर्मी रवि दुबे की नजर इस पर पड़ी। दोनों ने इसे रुकवाया और जानकारी जुटाई।
 पुलिस कर्मी ओर जागरूक युवक ने अपने  पास से आर्थिक मदद की और दिनेश को फिर से अस्पताल पहुँचवाया।

हैरत की बात यह थी कि मरीज के ऑक्सीजन भी चढ़ी हुई थी, स्ट्रेचर पर ही ऑक्सीजन सिलेंडर भी रखा हुआ था। लेकिन अस्पताल वालों को उसके बाहर निकलने  की भनक तक नहीं लगी।
पुलिसकर्मी ने इन बात की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर भी दी।
 अस्पताल कर्मचारियों की लापरवाही से इस मरीज़ की जान भी जा सकती थी।

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