दो साल के बेटे की देखरेख की जिम्मेदारी, फिर भी आमजन की सुरक्षा के लिए मैदान में डटी है यह लेडी तहसीलदार

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ये हैं चाकसू की लेडी सिंघम



विशेष संवाददाता: फ़करुद्दीन खान ✍️


चाकसू। कहते हैं कि दिल में अगर चुनौतियों का सामना करने का जज्बा हो तो हालात कैसे भी हो वह इंसान को कमजोर
नही होने देते। इसी बात को चरितार्थ कर दिखाया है जयपुर जिले के चाकसू तहसील की एक महिला अधिकारी ने जो आपदा की इस घडी में अपने दो साल के मासूम बेटे की परवाह किए बिना आमजन की सुरक्षा व सहायता के लिए दिन रात सेवा में जुटी हुई है। हम बात कर रहे हैं चाकसू तहसीलदार अर्शदीप बरार की जो कोरोना संक्रमण की इस आपदा में अपनी सेवा के चलते लेडी सिंघम के रुप में चर्चा में बनी हुई है।


तहसीलदार बरार अपने दो साल के बेटे को ममता और दुलार देना चाहती है लेकिन कोरोना महामारी की इस आपदा में उनके लिए आमजन की सुरक्षा व सहायता पहले है। यही कारण है कि वह लगातार चाकसू के हालातो पर नजर बनाये हुए है। तहसीलदार बरार एक ओर नियमो का पालन नही करने वाले लोगो पर कार्यवाही कर लेडी सिंघम की भूमिका में नजर आ रही है तो वही दूसरी ओर गरीब, जरुरतमंद लोगो तक राहत पहुॅचाकर अपनी उदारता का भी परिचय दे रही है। महिला अधिकारी की इस कार्यशैली के चर्चे पूरे कस्बे में सुने जा सकते है। तहसीलदार बरार सूचना मिलते ही गरीब, जरुरतमंद, लाचार लोगो के बीच उनके घर पहुॅच रही है और उनके भोजन, राशन की खैर खबर लेती नजर आ रही है। तहसीलदार के पद पर रहते हुए वह बडी सादगी से लोगो के सामने हाथ जोडकर खडी हो जाती है और आमजन से सोशल डिस्टेंसिंग की पालना, मास्क का उपयोग करने, सरकार की गाइडलाइन का पालन करने की अपील करती देखी जा सकती है। बरार अपने अधिनस्थ कर्मचारियों की हौसला अफजाई करने में भी पिछे नही है जिसके चलते कर्मचारी भी आपदा की इस घडी में उनका भरपूर सहयोग कर रहे है। लेडी सिंघम बरार ने बताया कि क्षेत्र को कोरोना संक्रमण से बचाये रखने के लिए कुल छह चैक पोस्ट बनाई गई है ताकि बाहरी व्यक्ति यहॉ नही आ सके। उन्होने बताया कि लॉकडाउन के चलते करीब 600 श्रमिक व विद्यार्थी यहॉ फंसे हुए है उनका रजिस्ट्रेशन करवाकर उनको अपने घरो पर पहॅुचाने की व्यवस्था की जा रही है और अब तक करीब 259 फंसे हुए लोगो को उनके गंतव्य तक पहुॅचा दिया गया है। फंसे हुए लोगो की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उनकी स्क्रीनिंग करवाई जाती है और स्कूल भवनो में उनको ठहराया जाता है।


तहसीलदार बरार ने बताया कि लॉकडाउन के तीसरे चरण में सरकार द्वारा व्यापारियों को कुछ छूट दी गई थी इसके चलते व्यापार मंडल से बात कर उनसे सहयोग की अपील की गई थी। लेकिन इसके बावजूद कुछ दुकानदार सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन कर रहे है जिसके कारण करीब दो दर्जन व्यापारियों को पहले नोटिस दिया गया और दोबारा नियमों का उल्लंघन करने पर उनसे जुर्माना वसूल किया गया। वही कुछ दुकानो को प्रतिबंधित सामग्री बेचने के चलते सीज भी किया गया है। लेडी सिंघम ने बताया कि सूचना मिलने पर कालाबाजारी व प्रतिबंधित तम्बाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों पर आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी। उन्होने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सरकार की गाइडलाइन का पालन करे और घर पर रहकर खुद सुरक्षित रहे और अपने परिवार को सुरक्षित रखे।

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