अडानी लगाएंगे दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट - 4 लाख नौकरियों का होगा सृजन

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अदाणी ग्रीन एनर्जी ने दुनिया का सबसे बड़ा सोलर अवार्ड प्राप्त किया; 2025 तक 25 गीगावॉट की स्थापित क्षमता के लक्ष्य की ओर लगाई छलांग 


-- उत्पन्न होने वाली रिन्यूरएबल एनर्जी यानी अक्षय ऊर्जा 900 मिलियन टन CO2 को विस्थापित करेगी।




अहमदाबाद (भारत), 9 जून, 2020। अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल, एनएसई: ADANIGREEN) ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) से अपनी तरह का मैन्यूूफैक्चसरिंग से जुड़ा हुआ पहला सौर समझौता हासिल किया है। अवार्ड के एक हिस्से के रूप में, एजीईएल सौर परियोजनाओं के 8 गीगावाट को एक प्रतिबद्धता के साथ विकसित करेगा, जिसके अंतर्गत अदाणी सोलर को अतिरिक्त सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षमता के 2 गीगावाट की स्थाेपना करनी होगी। यह अवार्ड, दुनिया में अपनी तरह का अब तक का सबसे बड़ा अवार्ड है जो 45,000 करोड़ (6 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का एकल निवेश लायेगा और 400,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करेगा। यह अपने जीवनकाल में 900 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड को भी विस्थापित करेगा।



इस सफलता के साथ, एजीईएल के पास अब संचालन, निर्माण या अनुबंध के अंतर्गत 15 गीगावाट क्षमता होगी, जिससे कंपनी 2025 तक दुनिया की सबसे बड़ी नवीकरणीय कंपनी बनने की दिशा में अपनी यात्रा को तेज करेगी। यह अवार्ड कंपनी को 2025 तक 25गीगावाट अक्षय ऊर्जा की स्थापित जेनेरेशन क्षमता प्राप्त करने के अपने लक्ष्य के करीब ले जाएगा, जिससे बदले में अगले 5 वर्षों में अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में 112,000 करोड़ (15 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश करने के लिए प्रतिबद्धता रहेगी।

सफलता के बारे में बताते हुए, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि “इस ऐतिहासिक सोलर अवार्ड के लिए एसईसीआई द्वारा चुने जाने पर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। आज की दुनिया में, जलवायु अनुकूलन को आर्थिक विकास प्राथमिकताओं से स्वतंत्र नहीं माना जा सकता है और रोजगार सृजन के साथ-साथ डीकॉर्बोनाइज़ेशन दोनों एक साथ ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए। भारत ने पेरिस में 2015 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में एक प्रतिबद्धता जताई थी कि भारत जलवायु परिवर्तन क्रांति का नेतृत्व करेगा और आज अपनी COP21 प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की राह पर चलरहे सिर्फ आठ देशों के बीच में नेतृत्व संभाले हुए है।


 यह तथ्य कि अक्षय ऊर्जा दुनिया का सबसे स्वच्छ और सबसे किफायती ईंधन बनेगी, एक पूर्वविदित निष्कर्ष है और अदाणी ग्रुप इस यात्रा में अग्रणी भूमिका निभाने का इरादा रखता है। यह अवार्ड जलवायु परिवर्तन के प्रति हमारे देश के वादे के साथ-साथ हमारे राष्ट्र के आत्मनिर्भर भारत अभियान (सेल्फ रिलायंट इंडिया प्रोग्राम) को सक्षम करने की दिशा में उठा एक और कदम है। यह हमारे ग्रुप की राष्ट्र निर्माण की दृष्टि को साकार करने की दिशा में एक और कदम है। ”

अवार्ड एग्रीमेंट के आधार पर अगले पांच वर्षों में 8गीगावाट सौर विकास परियोजनाओं को लागू किया जाएगा। पहली 2 गीगावाट की जनरेशन क्षमता 2022 तक ऑनलाइन आ जाएगी और बाद की 6 गीगावाट क्षमता को 2025 तक 2 गीगावाट वार्षिक वृद्धि में जोड़ा जाएगा। परियोजनाओं में विभिन्न तरह के लोकेशन शामिल होंगे, जिसमें 2 गीगावाट सिंगल-साइट जनरेशन प्रोजेक्ट शामिल है जो विश्व स्तर पर घोषित सबसे बड़ी एकल-साइट परियोजना के रैंक के साथ जुड़ा हुआ है। 2 गीगावाट की सोलर सेल और मॉड्यूल निर्माण क्षमता 2022 तक स्थापित की जाएगी और मौजूदा 1.3 गावाट क्षमता के साथ ग्रुप को भारत की सबसे बड़ी सोलर मैन्यूाफैक्च रिंग कंपनी के रूप में स्थापित करेगी।



अदाणी सोलर के बारे में


अदाणी सोलर (मुंद्रा सोलर पीवी लिमिटेड) अदाणी ग्रुप की सोलर पीवी मैन्युफैक्चरिंग शाखा है। अदाणी सोलर अपने व्यवसाय को वर्टिकल रूप से एकीकृत करने वाला पहला भारतीय सोलर मैन्यूकफैक्चरर है जो फोटोवोल्टिक मैन्यू्फैक्चyरिंग के साथ-साथ प्रोजेक्टो इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण के लिए सेवाएं प्रदान करता है।  अधिक जानकारी के लिए  www.adanisolar.com देखें।

 

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