भारत का सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार 'जेसीबी पुरस्कार-2020 मलयालम से अनुवादित नॉवेल 'मुस्टेच' ने जीता

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लेखक एस. हरीश को 25 लाख प्राइज मनी व अनुवादक को 10 लाख (अतिरिक्त) रुपये का पुरस्कार घोषित

मैजिक, मिथ और मेटाफोर से भरपूर है हरीश की मूँछें (Moustache)

‘मुस्टेच‘ यह अवॉर्ड जीतने वाली दूसरी डेब्यू नॉवेल और दूसरी मलयालम अनुवादित नॉवेल है



मीडिया केसरी न्यूज़ डेस्क ✍🏻



जयपुर, 9 नवंबर: एस. हरीश के नॉवेल 'मुस्टेच' को 25 लाख रुपये के जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर 2020 का विजेता घोषित किया गया है। हार्पर कॉलिन्स पब्लिशर्स इंडिया द्वारा अंग्रेजी में प्रकाशित, इस पुस्तक का अनुवाद मलयालम से जयश्री कलाथिल ने किया है। विजेता की घोषणा जेसीबी के अध्यक्ष, लॉर्ड बेमफोर्ड ने अपनी तरह की प्रथम वर्चुअल अवार्ड सेरेमनी में की। हरीश की यह डेब्यू नॉवेल है, जो कि समसामयिक क्लासिक नॉवेल है और मैजिक, मिथ और मेटाफोर से भरपूर है।

जयश्री कलाथिल द्वारा मलयालम से अनुवादित हरीश की ‘मुस्टेच‘ जातिगत राजनीति, उत्पीड़न और लिंग समानता को दर्शाते इस नॉवेल में दक्षिण-पश्चिम केरल के विशाल परिदृश्य और बदलती पारिस्थितिकी को प्रस्तुत किया गया है। जूरी ने सर्वसम्मति से इस नॉवेल को पसंद किया।

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 लेखक एवं  जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर की लिटरेरी डायरेक्टर, मीता कपूर ने कहा कि, “अनूठी एवं समृद्ध स्टोरी पर आधारित एस. हरीश की नॉवेल मुस्टेच इस वर्ष के जेसीबी प्राइज फॉर लिटरेचर की योग्य विजेता है।  जयश्री कलाथिल द्वारा अनुवादित इस नॉवेल के अंग्रेजी संस्करण ने हमें हंसाया, रुलाया और हमारे  सपनों को बड़ा किया। यह नॉवेल वर्ष 2020 की स्थितियों को देखते हुए बेहद राहत भरा है।"


‘मुस्टेच‘ यह अवॉर्ड जीतने वाली दूसरी डेब्यू नॉवेल और दूसरी मलयालम अनुवादित नॉवेल है। हरीश को प्राइज ट्रॉफी ‘मिरर मेल्टिंग‘ भी मिलेगी, जो कि दिल्ली के युगल कलाकारों, ठुकराल और टाग्रा द्वारा बनाया गया स्कल्प्चर है।


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जीतने वाली पुस्तक का चयन जूरी द्वारा किया गया था जिसमें - प्रोफेसर, सांस्कृतिक सिद्धांतकार एवं लेखक, तेजस्विनी निरंजना (अध्यक्ष); लेखक एवं अनुवादक, अरुणी कश्यप; नाटककार एवं निर्देशक, रामू रामनाथन और टाटा ट्रस्ट्स में कला एवं संस्कृति विभाग की प्रमुख, दीपिका सोराबजी शामिल थे।

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