Rajasthan Diwas पर JKK में Exhibition, कलाकारों ने पेंटिंग, स्कलपचर, इंस्टॉलेशन्स के ज़रिए व्यक्त किए संदेश!

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राजस्थान अपने समृद्ध कला एवं संस्कृति की विरासत से पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान रखता है - शासन सचिव, कला एवं संस्कृति विभाग 

'Sono Rajasthan' and 'Vihangam Rajasthan'  एग्जीबिशन 5 अप्रैल तक



Media Kesari Digital Desk ✍🏻

जयपुर 30 मार्च।  हर वर्ष की भाँति राजस्थान का स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में कला एवं संस्कृति विभाग की शासन सचिव  मुग्धा सिन्हा ने मंगलवार को यहां जवाहर कला केन्द्र में राजस्थान दिवस के अवसर पर पर्यटन तथा कला एवं सस्कृति विभाग एवं ललित कला अकादमी के सयुक्त तत्वावधान में ‘‘पर्यटन को बढ़ावा देने में कला की भूमिका‘‘ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में संबोधित किया।

सिन्हा ने कहा कि राजस्थान अपने समृद्ध कला एवं संस्कृति की विरासत से पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट पहचान रखता हैं। 



उन्होेंने राजस्थान दिवस के महत्व से अवगत कराते हुए पर्यटन और कला के परस्पर सम्बन्धों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

पर्यटन विभाग के निदेशक  निशान्त जैन ने कहा कि कोरोना काल में पूरी सावधानियां बरतते हुए इस संगोष्ठी का आयोजन सीमित आगन्तुकों के मध्य किया गया है । 



संगोष्ठी में पर्यटन प्रशिक्षण से जुडे़ डॉ. विद्या सागर उपाध्याय, डॉ. कुमार आशुतोष एवं प्रियदर्शन लाखावत ने पर्यटन को प्रोत्साहित करने में एवं पर्यटकों की आवाजाही बढ़ाने में  पर्यटन स्थलों के साथ स्थानीय कला एवं संस्कृति के महत्व पर अपने विचार प्रकट किये।


दो अलग-अलग प्रदर्शनियाँ आयोजित

राजस्थान दिवस के अवसर पर जवाहर कला केन्द्र में दो अलग-अलग प्रदर्शनियों का आयोजन किया गया। ‘सोणो-राजस्थान‘ (Sono Rajasthan) प्रदर्शनी जिसमें राजस्थान की सम-सामयिक कला को दर्शाया गया है। सोणो राजस्थान प्रदर्शनी में लगभग 120 कलाकारों की 175 कृतियां प्रदर्शित की गई। वहीं ‘विहंगम-राजस्थान‘ (Vihangam Rajasthan) प्रदर्शनी जिसमें राजस्थान के पर्यटन से जुड़े छाया चित्रों को प्रदर्शित किया गया है। विहंगम प्रदर्शनी में लगभग 50 कलाकारों की 85 कृतियां प्रदर्शित की गयी।



  एग्जिबिशन में राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकारों के कन्टेम्पररी और मॉडर्न कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जा रहा है। कलाकारों ने अपने संदेश को व्यक्त करने के लिए पेंटिंग, स्कलपचर, इंस्टॉलेशन्स से लेकर अभिव्यक्ति के कई तरीकों को प्रयोग में लिया है।  प्रदर्शनी में कलाकारों के कौशल को प्रोत्साहित करने के प्रयास किये जाएंगे।

प्रदर्शनी 5 अप्रेल तक प्रतिदिन प्रातः 11 बजे से सांय 06 बजे तक जनसामान्य के लिए खुली रहेगी। 

पर्यटन विभाग की संयुक्त निदेशक डॉ. पुनीता सिंह, ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पर्यटन विभाग की अतिरिक्त निदेशक  मनीषा अरोड़ा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। 


उल्लेखनीय है कि राजस्थान का स्थापना दिवस राजस्थान दिवस के रूप में हर वर्ष 30 मार्च को मनाया जाता है।

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