Phalodi Prison Break Update-New Twist -नया मोड़..OMG !! ... तो कैदियों को फ़िल्मी स्टाइल में भगाने की स्क्रिप्ट (script) खुद जेल सुरक्षा कर्मियों ने तैयार की थी..? कहानी (Story) में रह गया झोल.. और खुल गई पोल !

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मुख्य प्रहरी सहित चार पुलिसगार्ड निलंबित

फरार बंदियों का नहीं लगा सुराग, संपत्ति हो सकती है कुर्क


संवाददाता- नेमीचंद सोनी ✍🏻

फलौदी(जोधपुर)-7 अप्रैल। गत दो दिन पहले जोधपुर जिले के फलौदी उपकारागार (Phalodi jail) से 16 बंदियों (16 prisoners flee ) के एकसाथ फरार होने की  ख़बर देशभर में सुर्खियों में रही।

  शुरुआती जाँच में जहाँ यह मामला कैदियों द्वारा प्रहरियों पर हमला कर सुरक्षा घेरा तोड़ने का नज़र आ रहा था, उसमें अब नया मोड़ (New Twist) आ गया है।

जेल तोड़कर बंदी भाग जाने के पूरे मामले में सुरक्षाकर्मियों की भूमिका संदेह के घेरे में है।


सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत की आशंका। 

 ग़ौरतलब है कि उक्त प्रकरण की  जाँच जेल के उप महानिरीक्षक सुरेंद्र सिंह शेखावत को सौंपी गई है।  जेल के CCTV Footage व  जेल प्रहरियों के बयानों से वे संदेह के घेरे में आ गए हैं जिसके चलते इन्हें निलंबित (4 officials suspended) कर दिया गया है।

  दरअसल जब प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी जेल पहुँचे तो उन्हें वहाँ कहीं भी मिर्च पाउडर (chilli powder) जमीन पर गिरने के साक्ष्य नहीं मिले।इसी वजह से प्रहरियों की कहानी पर संदेह हुआ ।

 वहीं CCTV फुटेज में पाया गया कि घटना के तुरंत बाद एक प्रहरी के कपड़े बिल्कुल सही-सलामत थे लेकिन जब वो अफसर को बयान देने पहुँचा तो उसके कपड़े फटे हुए थे। जबकि घटना वाले दिन उसने कहा था कि कैदियों से धक्का-मुक्की में उसके कपड़े फट गए थे। इतना ही नहीं, जेल नियमों के तहत एक गेट खोलने पर दूसरे गेट पर ताला लगा होना अनिवार्य होता है लेकिन उस दिन दूसरे गेट पर ताला नहीं लगाया गया। ये सब साक्ष्य मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं।

    देखें फ़ोटो-- 




जेल के बाहर स्कार्पियो व बोलेरो कैंपर गाड़ी

सीसीटीवी फुटेज में जेल के बाहर स्कार्पियो व बोलेरो कैंपर गाड़ी नजर आ रही है। फरार बंदी इन्हीं गाड़ियों में बैठकर भागते दिखे हैं। ऐसे में आशंका है कि पूरी योजना के अनुसार बंदियों ने फलौदी उप कारागृह की सुरक्षा को तोड़कर भागे हैं। फलोदी में कचहरी परिसर स्थित उप कारागृह से सोमवार रात 8 बजे एक साथ 16 बंदी फरार हो गए। दिन में बंदी बैरकों के आगे खुली जगह में थे। शाम बाद इन्हें बैरक में डाला जा रहा था।

जोधपुर जेल से फरार होने वाले बंदी


➡️1. सुखदेव पुत्र रामू राम


➡️2. शौकत अली पुत्र नूर मोहम्मद


➡️3. अशोक पुत्र जेताराम


➡️4. प्रदीप पुत्र बलवंता राम


➡️5. राजकुमार पुत्र महेंद्र राम


➡️6. जगदीश पुत्र विशनाराम


➡️7. प्रेम पुत्र रामरखा


➡️8. अनिल पुत्र शंकरलाल


➡️9. श्रवण पुत्र सुखराम


➡️10.मोहन राम पुत्र बगडूराम


➡️11. शंकर पुत्र भागीरथ राम


➡️12. मुकेश पुत्र भगवाना राम


➡️13. शिवप्रताप पुत्र बगडूराम


➡️14. हनुमान पुत्र तुलछाराम


➡️15. श्यामलाल पुत्र मदनलाल


➡️16 . महेंद्र पुत्र पप्पूराम


  क्षमता से अधिक थे बंदी

बता दें कि जोधपुर जिले की फलोदी उप कारागृह में क्षमता से अधिक बंदी थे। यहां की क्षमता ​सिर्फ 17 बंदी है जबकि सोमवार को जेल में 60 बंदी थे। फलौदी जेल के लिए जेलर सहित 16 का स्वीकृत स्टाफ है, लेकिन नियुक्त 9 ही हैं। 3 मार्च काे जेलर निलंबित होने से यह पद भी रिक्त है। वारदात के समय 4 कर्मचारी ही थे जबकि 5 अवकाश पर बताए गए हैं। जेल की सुरक्षा के लिए अलग से स्टाफ की व्यवस्था नहीं है।


नहीं मिला सुराग,संपति हो सकती है कुर्क

 फरार हुए 16 कैदियों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। हालांकि उसी रात जिले में नाकाबंदी कर दी गई थी व जोधपुर की सीमाएँ सील कर दी गई थीं। 

   फिलहाल जेल मुख्यालय द्वारा राज्य की सभी jails में कैदियों से परिजनों की मुलाकात पर 19 अप्रैल तक रोक लगा दी गई है। 

 सूत्रों के मुताबिक फरार बंदी यदि सात दिन में समर्पण नहीं करते हैं तो उनकी चल व अचल संपत्ति को कुर्क करने के सरकार आदेश जारी कर सकती है।

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