Rajasthan Diwas 2026: ब्रज की खुशबू से महका JKK (जयपुर) : 'ब्रज महोत्सव' में कवि सम्मेलन,फूलों की होली और मयूर नृत्य ने बांधा समां

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राजस्थान दिवस विशेष: ब्रजभाषा अकादमी और पोद्दार संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में जेकेके में हुआ 'ब्रज महोत्सव' का भव्य आयोजन

नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना जरूरी: गोपाल शर्मा

Media Kesari

 Jaipur

जयपुर-19 March, 2026। गुलाबी नगरी में राजस्थान दिवस का उल्लास उस समय दोगुना हो गया, जब जवाहर कला केंद्र (JKK) के प्रांगण में ब्रज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठी। राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी (Rajasthan Brij Bhasha Academy, Jaipur) और पोद्दार संस्थान ( Poddar Group of Institutions) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'ब्रज महोत्सव' ने दर्शकों को भक्ति, साहित्य और लोक कला के अनूठे संगम से सराबोर कर दिया।

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सांस्कृतिक झलकियों ने मोहा मन

    कार्यक्रम का आगाज पारंपरिक गणेश वंदना के साथ हुआ। इसके बाद 'पधारो म्हारे देश' की धुन पर राजस्थानी लोक नृत्य की प्रस्तुति ने अतिथियों का स्वागत किया। वहीं, फूलों की होली के आयोजन ने पूरे वातावरण को फागुनी आनंद और उत्साह के रंगों से भर दिया।


महोत्सव का मुख्य आकर्षण मयूर नृत्य रहा, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 



साहित्यिक संगम: कवियों का हुआ सम्मान

ब्रज महोत्सव के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में प्रदेशभर से आए रचनाकारों ने अपनी लेखनी से ब्रजभाषा के सौंदर्य, श्रृंगार और लोकजीवन के विभिन्न पक्षों को उकेरा। इस अवसर पर ब्रजभाषा के संरक्षण और संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

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ब्रज महोत्सव के दौरान आयोजित कवि सम्मेलन में प्रदेशभर से आए रचनाकारों ने अपनी लेखनी से ब्रजभाषा के सौंदर्य, श्रृंगार और लोकजीवन के विभिन्न पक्षों को उकेरा। इस अवसर पर ब्रजभाषा के संरक्षण और संवर्धन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिष्ठित कवियों एवं साहित्यकारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया,media Kesari,मीडिया केसरी,।

नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना जरूरी: गोपाल शर्मा

मुख्य अतिथि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा (MLA Gopal Sharma) ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रजभाषा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल भाषा का संरक्षण करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सेतु भी बनते हैं।

मुख्य अतिथि सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रजभाषा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल भाषा का संरक्षण करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सेतु भी बनते हैं,media Kesari,latest news today,rajasthan diwas 2026,।

महोत्सव का मूल उद्देश्य समाज में ब्रजभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और इसके साहित्यिक स्वरूप को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

-डॉ. लता श्रीमाली (सचिव, राजस्थान ब्रजभाषा अकादमी)


 

ब्रज की जीवंत संस्कृति को आमजन तक पहुँचाने के लिए मयूर नृत्य और फूलों की होली जैसे पारंपरिक माध्यमों को शामिल किया गया है।

  -डॉ. आनंद पोद्दार (चेयरमैन, पोद्दार संस्थान 

Dr. Anand Poddar, Founder & Chairman of Poddar Group of Institutions) 


इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में सुरेश मिश्रा, मुख से घुंघरू की आवाज निकालने वाले कलाकार शंकर गर्ग, ग्लोबल ब्रज फोरम के सदस्य, सुप्रसिद्ध कथक गुरु सुमन यादव सहित विभिन्न Schools व Colleges के शिक्षक, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे। 

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति  समारोह में सुरेश मिश्रा, मुख से घुंघरू की आवाज निकालने वाले कलाकार शंकर गर्ग, ग्लोबल ब्रज फोरम के सदस्य, सुप्रसिद्ध कथक गुरु सुमन यादव सहित विभिन्न Schools व Colleges के शिक्षक, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।




आयोजन के समापन पर विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई कि ऐसे प्रयासों से ब्रजभाषा के विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा मिलेगी।


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